क्या चौटाला पकड़ेंगे हुड्डा का हाथ ? - पढ़िए पूरी खबर

क्या चौटाला पकड़ेंगे हुड्डा का हाथ ? – पढ़िए पूरी खबर

क्या चौटाला पकड़ेंगे हुड्डा का हाथ ? – पढ़िए पूरी खबर

भारत में हुए लोकसभा चुनावों में हरियाणा की क्षेत्रिय पार्टी इनेलो (इंडीयन नैशनल लोकदल) सहित सारी ही पार्टियों का खाता बिलकुल खाली रहा. हरियाणा में 10 की 10 लोकसभा सीटों पर भाजपा नें बाजी मारी. अब एक बात चर्चा में हैं की इनेलो और कांग्रेस का हरियाणा में गठबंधन हो सकता हैं.

कांग्रेस का हाथ पकड़ सकते हैं ओपी चौटाला

कभी हर वक्त कांग्रेस के विरोध में टिप्पणी करने वाले पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला अब कांग्रेस की तरफ सहानुभूति दिखाते नजर आ रहे हैं. लोकसभा चुनावों में दीपेन्द्र हुड्डा रोहतक से चुनाव हार गए. रोहतक हुड्डा का गढ़ माना जाता था. दीपेन्द्र के हारने पर ओमप्रकाश चौटाला नें दुःख जताया व कहा की दीपेन्द्र अच्छा लड़का था. उसका हारना गलत हो गया.

अब बात आती हैं गठबंधन की तो ओमप्रकाश चौटाला के 14 दिन की पैरोल पर बाहर आने के बाद इनेलो और जेजेपी के गठबंधन की बातें भी चर्चा में रही हैं. लोगों का कहना था की ओपी चौटाला पारिवारिक खटास खत्म करके दोनो पार्टियों को एक कर देंगे. इन चर्चाओं को जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला व इनेलो नेता अर्जुन चौटाला नें तो खारिज कर दिया. लेकिन जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला के भाई दिग्विजय नें अपने बयान में दोनो पार्टियों के गठबंधन वाली बात पर कहा की इसका फैंसला पार्टी के बुजुर्ग करेंगे. दिग्विजय चौटाला नें पार्टी के गठबंधन वाली बात को पूरी तरह खारिज ना करके फैंसला बिजुर्गो के हाथों में सौंप दिया.

कांग्रेस छोड़ इनेलो का चेहरा भी हो सकते हैं हुड्डा ?

जी हाँ आपने सही सुना. यह बात भी चर्चा में हैं की हुड्डा कांग्रेस छोड़ इनेलो पार्टी से मुख्यमंत्री पद के दावेदार हो सकते हैं. कांग्रेस में आपनी गुटबाजी व आपसी फूट के कारण ऐसा होना नामुमकिन नहीं हैं. कांग्रेस पार्टी हरियाणा में गुटों की पार्टी हो गयी हैं. कांग्रेस के हरियाणा में अनगिनत गुट बन गए हैं जैसे- अशोक तंवर गुट, रणदीप सुरजेवाला गुट, भूपेन्द्र हुड्डा गुट, कुमारी शैलजा गुट और कुलदीप बिशनोई गुट. लोकसभा चुनावों में हुई करारी हार का कारण भी गुटबाजी बताया जा रहा हैं.

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