करनाल, कुरुक्षेत्र और अंबाला के किसानों को मिलेगा ज्यादा कमाई का मौका, देंखे कैसे

करनाल, कुरुक्षेत्र और अंबाला के किसानों को मिलेगा ज्यादा कमाई का मौका, देंखे कैसे

करनाल, कुरुक्षेत्र और अंबाला के किसानों को मिलेगा ज्यादा कमाई का मौका, देंखे कैसे

News Josh Live, 03 Oct, 2020

हरियाणा में किसानों को ज्यादा कमाई और प्रदूषण से बचाव के लिए करनाल, कुरुक्षेत्र व अंबाला के सौ गांव क्लाइमेट स्मार्ट बनाए जा रहे हैं। इनमें आधुनिक खेती तो होगी ही, साथ ही किसी भी गांव में पराली या धान के अवशेष का तिनका भी नहीं जलाया जाएगा।

पराली जलाने से जुड़ी चिंताओं के बीच केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान इस माडल पर काम कर रहा है। ये गांव बर्निंग फ्री होंगे। इस मॉडल से किसानों की आय दोगुनी हो जायेगी। किसानों को क्लाइमेट स्मार्ट खेती करने के तौर-तरीके भी सिखाए जा रहे हैं। इसमें पानी बचाने और फसल पर कम लागत में अधिक आमदनी के तरीके सिखाने पर फोकस किया गया है।

केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान और अंतरराष्ट्रीय मक्का एवं गेहूं सुधार केंद्र दिल्ली का यह संयुक्त प्रोजेक्ट है। मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के प्रधान विज्ञानी डॉ. एचएस जाट ने बताया कि किसान अवशेष जलाना बंद कर दें तो भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहेगी। अवशेष जमीन पर पड़े रहने से नमी बरकरार रहेगी। इससे फसल में एक पानी कम लगाना पड़ेगा। जहां जल संकट है, वहां एक पानी की कीमत समझी जा सकती है।

इस विधि में साल में महज दो बार खेत जोतने की जरूरत होती है। वह भी फसल के हिसाब से, कई फसलों जैसे गेहूं, मक्का में इसकी भी जरूरत नहीं होती। डॉ. एचएस बताते हैं कि करनाल के 30 व कुरुक्षेत्र-अंबाला के 35-35 गांवों में क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर पर काम किया जा जाएगा। इन गांवों में फसल अवशेषों में आग नहीं लगाई जाएगी, बल्कि जमीन में गलाकर खाद का काम करेंगे।

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