बिना किसानों की सहमति उन पर काले कानून को थोपना सरकार की तानाशाही: हुड्डा

बिना किसानों की सहमति उन पर काले कानून को थोपना सरकार की तानाशाही: हुड्डा

बिना किसानों की सहमति उन पर काले कानून को थोपना सरकार की तानाशाही: हुड्डा

News Josh Live, 17 Sept, 2020

तीन अध्यादेशों को लेकर जहां किसान नाराज है, तो उधर विपक्ष भी सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा। अब हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह ने भी निशाना साधा है। हुड्डा ने कहा है कि बिना किसानों की सहमति के उनपर तीन काले कानून थोपना तानाशाही है।

हुड्डा ने साफ तौर पर कह दिया है कि कांग्रेस हर स्तर पर तीनों कानूनों का विरोध करेगी। इसके लिए बड़े से बड़ा आंदोलन करना पड़ा, तो भी कांग्रेस करेगी। कांग्रेस द्वारा राज्यपाल से मुलाकात कर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की जाएगी।

वहीं, भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा सरकार पंजाब की तरह विधानसभा का सत्र बुलाकर किसान विरोधी तीनों क़ानूनों को सिरे से ख़ारिज करे, क्योंकि स्वामीनाथन के सी2 फार्मूले वाली एमएसपी के 3 नए कृषि कानून किसान को मंज़ूर नहीं है। इसलिए सरकार को इसमें एमएसपी की गारंटी का प्रावधान जोड़ना चाहिए।

अगर वो ऐसा नहीं करती है तो पंजाब सरकार की तरह इसे पूरी तरह खारिज कर देना चाहिए। इस मौक़े पर नेता प्रतिपक्ष ने कि अगर सरकार ने अपनी तानाशाही जारी रखी तो प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही इन काले कानूनों को खत्म किया जाएगा।

हुड्डा ने कहा कि आज प्रदेश का किसान फसलों के उचित दाम मांग रहा और सरकार एमएसपी से ही पीछा छुड़वाना चाहती है। सरकार महंगाई और किसान की लागत तो लगातार बढ़ा रही है, लेकिन एमएसपी में बढ़ोतरी करने को तैयार नहीं है।

जबकि कांग्रेस सरकार के दौरान अलग-अलग फसलों के एमएसपी में रिकॉर्ड 2 से 3 गुना की बढ़ोतरी हुई थी। इस मौके पर उनके साथ हरमोहिंदर चट्ठा, पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा, अशोक अरोड़ा, पूर्व मंत्री जयप्रकाश, विधायक अफताब अहमद, विधायक बीबी बतरा, गीता भुक्कल, राव दान सिंह, मेवा सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 

News Josh Live

यह भी पढ़ें

कुछ खास x