निजी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को मिली राहत, हाईकोर्ट ने दिए ये आदेश

निजी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को मिली राहत, हाईकोर्ट ने दिए ये आदेश

निजी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को मिली राहत,  हाईकोर्ट ने दिए ये आदेश

News Josh Live, 02 Oct, 2020

हरियाणा में निजी स्कूलों द्वारा बच्चों से मासिक फीस, वार्षिक शुल्क और ट्रांसपोर्ट फीस के मामले पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। ये फीसें वसूलने देने के एकल बेंच के फैसले के खिलाफ हरियाणा सरकार व अन्‍य की अपील पर वीरवार को हाईकोर्ट ने साफ़ कर दिया है कि जिन स्कूलों ने लॉकडाउन के दौरान ऑन-लाइन क्लास की सुविधा दी है सिर्फ वही स्कूल छात्रों से टयूशन फीस वसूल सकते हैं, इसके साथ ही हाई कोर्ट ने निजी स्कूलों से पिछले सात महीनों की बैलेंस शीट वो भी किसी चार्टेड अकाउंटेंट से वेरिफाई करवा दो सप्ताह में सौंपे जाने के निजी स्कूलों को आदेश दे दिए हैं।

जस्टिस राजीव शर्मा एवं जस्टिस हरिंदर सिंह सिद्धू की खंडपीठ ने यह आदेश सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ सरकार सहित अभिभावकों द्वारा दायर अपील पर सुनवाई करते हुए दिए हैं। हाई कोर्ट ने सिंगल बेंच के 30 जून के फैसले में संशोधन करते हुए यह आदेश दिए हैं।

इसके साथ ही हाई कोर्ट ने निजी स्कूलों को यह भी आदेश दे दिए हैं कि वह अपने स्टाफ को चाहे रेगुलर हैं या कॉन्ट्रेक्ट पर या ऐड-हॉक पर उन्हें पूरा वेतन दिया जाएगा, जो 23 मार्च को लॉक-डाउन लगाए जाने के दिन से पहले स्‍कूल में नियुक्‍त थे।

जस्टिस राजीव शर्मा ने कहा लॉक डाउन के दौरान स्कूलों ने जो सुविधा नहीं दी है उसकी फीस वह कैसे वसूल सकते हैं। हाई कोर्ट ने साफ़ किया है कि यह आदेश दायर इन अपीलों पर हाई कोर्ट के अंतिम फैसले पर निर्भर होंगी। यह आदेश पंजाब और हरियाणा के सभी निजी स्कूलों पर लागू होंगे।

हाईकोर्ट ने यह भी साफ़ कर दिया है कि लॉक-डाउन के दौरान छात्र स्‍कूल नहीं गए हैं ऐसे में निजी स्कूल छात्रों से कोई भी ट्रांपोर्टेशन फीस नहीं वसूल सकते हैं। इनकी आदेशों के साथ हाईकोर्ट ने इन सभी अपीलों पर अंतिम सुनवाई किए जाने के लिए इन्हे 12 नवंबर तक स्थगित कर दिया है।

 

 

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