दिल्ली, यूपी, हरियाणा की सरकारों को SC का निर्देश, कहा- एनसीआर के प्रवासी मजदूरों को दें सूखा राशन, खोलें कम्युनिटी किचन

दिल्ली, यूपी, हरियाणा की सरकारों को SC का निर्देश, कहा- एनसीआर के प्रवासी मजदूरों को दें सूखा राशन, खोलें कम्युनिटी किचन

दिल्ली, यूपी, हरियाणा की सरकारों को SC का निर्देश, कहा- एनसीआर के प्रवासी मजदूरों को दें सूखा राशन, खोलें कम्युनिटी किचन

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, दिल्ली, यूपी और हरियाणा सरकारों को निर्देश दिया है कि वे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, एनसीआर के प्रवासी मजदूरों को सूखा राशन, यानी आटा-दाल-चावल प्रदान करें। गुरुवार को दिए अपने निर्देश में देश की सबसे बड़ी अदालत ने कहा है कि राशन देने के लिए पहचान पत्र की जिद न की जाए। जिनके पास पहचान पत्र न हो उनसे उनके परिचय का एक घोषणा पत्र ले लिया जाए।

कोर्ट ने दिल्ली, हरियाणा और यूपी की सरकारों को इसी के साथ सामुदायिक रसोई खोलने का निर्देश भी दिया है और कहा है कि इन किचेन्स के जरिए क्षेत्र में फंसे प्रवासी मजदूरों को दिन में दो बार का भोजन मुहैया कराया जाए। इन राज्य सरकारों को यह निर्देश भी न्यायालय ने दिया है कि जो श्रमिक अपने घर लौट जाना चाहते हैं, उनके लिए समुचित परिवहन की व्यवस्था भी की जाए।

ये तमाम निर्देश जस्टिस अशोक भूषण और एमआर शाह की खंडपीठ ने गुरुवार को सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर, अंजली भरद्वाज और जगदीप चोकर की एक याचिका की सुनवाई के दौरान दिए। याचिकाकर्ताओं की नुमाइंदगी कोर्ट में वरिष्ठ एडवोकेट प्रशांत भूषण ने की। याचिका में लॉकडाउन की वजह से मजदूरों को हो रही मुसीबतों को उठाया गया है। अदालत की ओर से दिए गए ये आदेश अंतरिम है। इनका विवरण इस प्रकार हैः 1. केंद्र सरकार और दिल्ली, यूपी, हरियाणा की सरकारें मजदूरों को सूखा राशन देने की व्यवस्था आत्मनिर्भर भारत योजना या किसी अन्य योजना के तहत करेंगी। राशन वितरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली, पीडीएस के जरिए होगा। वितरण योजना मई 2001 से लागू मानी जाएगी। राशन देने में पहचान पत्र की जिद नहीं की जाएगी। मजदूर अपनी ओर से जो घोषणा पत्र दे उसे मान लिया जाए।

2. दिल्ली, यूपी और हरियाणा की सरकारें घर लौटने के इच्छुक मजदूरों की वापसी के लिए समुचित परिवहन की व्यवस्था करें। जो मजदूर लौटना चाहते हैं उनका पता ये राज्य सरकारें जिला प्रशासन और पुलिस की मदद से करेंगी। केंद्र सरकार इस बाबत रेल मंत्रालय को भी आदेश दे कर ट्रेनों का इंतजाम कर सकती है।

3. दिल्ली, यूपी और हरियाणा की सरकारें क्षेत्र में फंसे मजदूरों और उनके परिवारों को दो जून के भोजन की व्यवस्था के लिए सामुदायिक रसोई, कम्यूनिटी किचेन भी शरू कराए।

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