सावधान: सोशल साइट्स पर फनी एप के लुभावने मैसेज के लिंक पर क्लिक करना पड़ सकता है मंहगा, देखिए कैसे ?

सावधान: सोशल साइट्स पर फनी एप के लुभावने मैसेज के लिंक पर क्लिक करना पड़ सकता है मंहगा, देखिए कैसे ?

सावधान: सोशल साइट्स पर फनी एप के लुभावने मैसेज के लिंक पर क्लिक करना पड़ सकता है मंहगा, देखिए कैसे ?

News Josh Live, 14 Sept, 2020

सोशल साइट्स पर राम, लक्ष्मण, भरत, विभीषण, रावण समेत तमाम सेलिब्रिटी में अपना व्यक्तित्व देखने के मैसेज छोड़ने के पीछे साइबर अपराधियों की नजर आपके बैंक बैलेंस पर है। आपकी पर्सनल जानकारी चोरी करके उसका मिसयूज कर सकते हैं। लोगों का ध्यान एप की तरफ करने के लिए सवाल भी ऐसे बनाते हैं, जिसमें आमजन इच्छा जताए। आपका व्यक्तित्व किस नेता से मिलता है। 5 साल बाद कितनी दौलत होगी। 10 साल बाद कितना बड़ा मकान होगा, ये सब सोशल साइट्स पर एप के जरिए शेयर कर रहे हैं। चंद मिनट की खुशी, लाइक्स और कमेंट की लालच आपके बैंक बैलेंस और निजी जानकारियों पर भारी पड़ सकते हैं। साइबर एक्सपर्ट ऐसे लिंक से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं। पुलिस के पास जनवरी से अब तक 28 शिकायतें आ चुकी हैं।

पुलिस का कहना है कि ऐसे अपराधी सक्रिय हैं और यह अपनी आईडी फेक रखते हैं, जो ट्रेस करना भी बड़ा मुश्किल है। साइबर अपराधी आजकल विभिन्न एप में रामायण के पात्र का कॉन्सेप्ट लेकर आए हैं। सोशल साइट्स की एप में दिए गए लिंक पर क्लिक करने पर यह बताने का दावा करते हैं कि रामायण में आपका पात्र कौन सा है। क्लिक करने के बाद आगे लोकेशन, फ्रेंड लिस्ट, प्रिफरेंसेस आदि के साथ ही कई बार मोबाइल की गैलरी तक एक्सेस करने की परमिशन अनजाने में दे देते हैं। यहीं से हैकर आपका डेटा चुराकर धोखाधड़ी या उसे बेचने का काम करते हैं।

बता दे कि पुलिस के पास अब तक पहुंची 28 शिकायतों में सामने आया है कि वह मैसेज पर क्लिक करवाते हैं। साइबर सेल टीम बताती है कि इससे उनकी पर्सनल डिटेल अपराधियों तक पहुंच जाती है। वह उन्हीं डॉक्यूमेंट्स पर बात करते हैं। इससे आमजन को लगता है कि यह आदमी सही है। इसके पास सही जानकारी है। इसलिए उसके बताए अनुसार पॉइंटों पर क्लिक करते जाते हैं। फिर ठगी का शिकार हो जाते हैं। लोगों के करीब 44 लाख रुपए निकल चुके हैं। यह पैसा आने की कोई उम्मीद नहीं है।

फनी एप जैसे लिंक पर क्लिक करने से बचें। कभी भी अपनी फोटो एवं पर्सनल डिटेल्स शेयर न करें। यदि कोई गेम खेल रहे हैं तो उसके लिए अलग से ईमेल आईडी बनाएं। इसमें अपने पर्सनल डिटेल्स आदि नहीं होनी चाहिए। ओटीपी नंबर किसी को न बताएं। बैंक की तरफ से भी ग्राहक को कोई कॉल नहीं जाता। आमजन अपराधियों की बातों में आकर ठगी का शिकार हो रहे हैं।

नीलोखेड़ी गांव के युवक धर्मबीर ने बताया कि उसकी सोशल साइट्स पर आ रहा था कि पिछले जन्म में आप क्या थे। उसने उसको क्लिक करने पर आगे से आगे सवाल आते गए और वह जवाब में यश और नो करता गया। 10 मिनट के इस खेल में उसके अकाउंट्स से एक लाख रुपए अपराधियों ने दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए। उसने ओटीपी नंबर दिया, उसने समझा कि पिछला जन्म का पता चलेगा। पुलिस ने इस केस में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।

 

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