किसान संगठनों से बातचीत से पहले मोदी सरकार का रुख ?

किसान संगठनों से बातचीत से पहले मोदी सरकार का रुख ?

न्यूज़ जोश नेटवर्क


बुधवार को होने वाली केंद्र सरकार और किसान सगठनों के बीच छठे दौर की बातचीत से पहले केंद्र की मोदी सरकार के रुख में बदलाव नहीं दिख रहा है. एक तरफ जहां मंगलवार को भारत बंद के दौरान मोदी सरकार के बड़े मंत्रियों और बीजेपी ने नए कृषि सुधार से जुड़े कानूनों (Farm laws) के फायदे गिनाए वहीं अब सरकार और पार्टी के निशाने पर पूर्व UPA सरकार में कृषि मंत्री रहे शरद पवार (Sharad Pawar) हैं जिन्होंने मंत्री रहते हुए मंडी कानून में बड़े सुधार की वकालत की थी.सरकार किसानों से बात तो करना चाह रही है लेकिन कानून वापिस लेने की बात कतई नहीं करती बल्कि सरकार इन कानूनों की वकालत क्र रही है ,इनके फायदे बताये जा रहे हैं, देश के अलग जिलों में धारा144 लगा कर किसान आंदोलन को कम करने की कोशिश जारी हैं.
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आज जब 8 दिसम्बर को भारत बंद का एलान किया गया तो बीजेपी नेता बाजार खुलवाने में लगे रहे और ये बताया गया कि भारत बंद नहीं है और ना ही भारत बंद होने दिया जायगा कुल मिला कर ये बात सामने आती है कि सरकार अभी किसानो के आंदोलन को इतना बड़ा नहीं समझती कि उसके लिए कानून वापिस लेना पड़े ,सरकार को अब भी लगता है कि वो किसानों को समझाने और शांत करने में सफल रहेंगे।

Sufyan Saif

Sufyan Saif ; Editor at News Josh Network.

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