उत्तर भारत में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर, दिल्ली-एनसीआर में लोगों को हो रही काफी परेशानी

उत्तर भारत में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर, दिल्ली-एनसीआर में लोगों को हो रही काफी परेशानी

उत्तर भारत में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर, दिल्ली-एनसीआर में लोगों को हो रही काफी परेशानी

नई दिल्ली, NEWS JOSH। मौसमी उतार-चढ़ाव के बीच दिल्ली-एनसीआर में बृहस्पतिवार को प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच गया। इस सीजन में पहली बार दिल्ली-एनसीआर के शहरों का एयर इंडेक्स 400 से ऊपर गंभीर श्रेणी में आ गया। इसके अलावा दिल्ली से सटे पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब समेत अन्य राज्यों में भी प्रदूषण से स्थिति काफी खराब है।

प्रदूषण के चलते आंखों में जलन की समस्या का भी लोगों को सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली के छावनी अस्पताल की आंखों की विशेषज्ञ डॉ. नेहा त्रिवेदी ने बताया कि धूल के कण के संपर्क में आते ही सबसे पहले व्यक्ति को खुजली होती है। जिसके बाद आंखों में लालिमा छा जाती है। गंदे हाथों से खुजली के चलते एलर्जी की शिकायत भी हो सकती है। ज्यादा समय तक आंखों में खुजली करने से आंखों की रोशनी भी कम होने की संभावना हो जाती है।

दिल्ली में बृहस्पतिवार को पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा में भी खासा इजाफा देखने को मिला। हवा का स्तर भी अब हमें प्रदूषण को लेकर गंभीर होने का संकेत दे रहा है।दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स बुधवार को 343 के अंक पर था। बृहस्पतिवार को इसमें 107 ¨बदुओं का इजाफा हुआ और यह 450 हो गया। 30 दिसंबर के बाद का यह सर्वाधिक है, तब 446 दर्ज हुआ था। इस स्तर की हवा को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। शाम चार बजे हवा में पीएम 10 की मात्रा 498 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 2.5 की मात्रा 336 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही। हालांकि सुबह 10 बजे पीएम 10 की मात्रा 563 और दोपहर 12 बजे पीएम 2.5 की मात्रा 360 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पहुंच गई थी।

बता दें कि मानकों के अनुसार हवा में पीएम 10 की मात्रा 100 और पीएम 2.5 की मात्रा 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। यही वजह रही कि लोगों को सांस लेने में दिक्कत के साथ-साथ आंखों में जलन और गले में दर्द की शिकायत भी हुई। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा संचालित वायु गुणवत्ता सूचकांक निगरानी संस्था सफर के मुताबिक पराली के धुएं ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों का दम घोंटना शुरू कर दिया है। वातावरण में दिल्ली का अपना प्रदूषण तो पहले से ही मौजूद था, पराली के धुएं ने स्थिति को और बदतर कर दिया है। सफर के मुताबिक बृहस्पतिवार को दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं की हिस्सेदारी 42 फीसद तक हो गई, जो इस सीजन में सबसे ज्यादा है।

इसके साथ ही पंजाब और हरियाणा में जल रही पराली का धुआं दिल्ली की ओर से आ रहा है। एक अन्य वजह बुधवार को करवाचौथ पर लोगों का पटाखे जलाना भी रहा। हालांकि बुधवार को तो कम तापमान, शांत हवा और पराली के धुएं से स्मॉग भी छाया हुआ था और इसी वजह से देर रात ही एयर इंडेक्स गंभीर श्रेणी में पहुंच गया था, लेकिन बृहस्पतिवार सुबह हवा की तेज रफ्तार से स्मॉग तो छंट गया जबकि 25 घंटे का औसत एयर इंडेक्स गंभीर श्रेणी में ही बना रहा। बुधवार शाम दृश्यता का जो स्तर 600 मीटर रह गया था, बृहस्पतिवार सुबह सुधरकर 1200 मीटर पर आ गया। मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को भी वायु प्रदूषण की कमोबेश यही हालत बनी रह सकती है। रविवार को एयर इंडेक्स के बहुत खराब श्रेणी में पहुंचने की संभावना है।

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