आलोक वर्मा बनें हरियाणा लोक सेवा आयोग के नए चेयरमैन, छह साल का होगा कार्यकाल

आलोक वर्मा बनें हरियाणा लोक सेवा आयोग के नए चेयरमैन, छह साल का होगा कार्यकाल

आलोक वर्मा बनें हरियाणा लोक सेवा आयोग के नए चेयरमैन, छह साल का होगा कार्यकाल

News Josh Live, 23 Oct, 2020

हरियाणा पब्लिक सर्विस कमिशन के नए चेयरमैन के रूप में आज आलोक वर्मा ने मुख्यमंत्री खट्टर की मौजूदगी में पद एवं गोपनियता की शपथ ली। राजभवन में हुए शपथ समारोह में राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने आलोक वर्मा को पद एवं गोपनियता की शपथ दिलवाई।

आइएफएस अधिकारी आलोक वर्मा से पहले रंजीत कुमार पचनंदा एचपीएससी के चेयरमैन थे। वीरवार को वो पद से सेवानिवृत्त हो गए थे। वर्मा की आइएफएस में अभी पूरी चार वर्ष की सेवा शेष है, इसलिए उन्होंने केंद्र सरकार से स्वैच्छिक रिटायरमेंट मांगी है। आपको बता दें कि एचपीएससी चेयरमैन और सदस्यों का कार्यकाल छह वर्षों या फिर 62 साल की उम्र तक होता है।

1989 बैच के हरियाणा काडर के आइएफएस (भारतीय वन सेवा) के अधिकारी आलोक वर्मा को राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य राजभवन में आयोजित पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। 24 अक्टूबर 1964 को जन्मे वर्मा अभी 56 वर्ष के हैं। ऐसे में वह पूरे छह साल तक अर्थात 23 अक्टूबर 2024 तक सेवाएं दे सकेंगे।

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया एचपीएससी के चेयरमैन का वेतन प्रदेश के मुख्य सचिव के समान दो लाख 25 हजार रुपये प्रतिमाह निश्चित है।

आयोग के वर्तमान छह सदस्यों का वेतन प्रदेश सरकार के प्रधान सचिव के वेतनमान में है जो एक लाख 82 हजार 200 रुपये से लेकर दो लाख 24 हजार 100 रुपये के बीच है। हेमंत ने बताया कि 17 दिसंबर 2018 को नोटिफाई हरियाणा लोक सेवा आयोग (सेवा की शर्र्तें) विनियमन में नियुक्ति के समय ली जाने वाली निष्ठा, पद और गोपनीयता की शपथ के प्रारूप में केवल आयोग के सदस्यों का ही उल्लेख है। उसमें चेयरमैन शब्द ही नहीं है।

उन्‍होंने बताया कि भारतीय संविधान और सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ के फैसले के अनुसार लोक सेवा आयोग के चेयरमैन और सदस्य का पद अलग-अलग होता है। इसलिए प्रदेश सरकार को शपथ के प्रारूप में राज्य लोक सेवा आयोग के चेयरमैन और सदस्यों का अलग-अलग उल्लेख करना चाहिए।

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