केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, अब नहीं देनी पड़ेगी बार-बार शिक्षक पात्रता परीक्षा

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, अब नहीं देनी पड़ेगी बार-बार शिक्षक पात्रता परीक्षा

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, अब नहीं देनी पड़ेगी बार-बार शिक्षक पात्रता परीक्षा

News Josh Live, 21 Oct, 2020

टिचर्स बनने की इच्छा रखने वाले अभ्यर्थियों के हक में केेंद्र सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। बता दें कि अब उन्हें हर 7 साल में शिक्षक अहर्ता परीक्षा यानी कि टीईटी ( Teacher eligibility test ) पास करने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि एक बार टीईटी पास करने पर यह जीवन भर के लिए मान्य रहेगी। अब तक टीईटी पास करने पर उम्मीदवार सात वर्ष तक नौकरी के लिए पात्र होता था। इसके बाद उसे शिक्षक बनने के लिए दोबारा परीक्षा देनी पड़ती थी।

एनसीटीई द्वारा नियमों में किया गया बदलाव केंद्र के साथ ही राज्यों भी लागू होगा। केंद्र और राज्य एनसीटीई नियमों से टीईटी करवाते हैं। केंद्र सरकार के लिए सीबीएसई और राज्य अपनी परीक्षा खुद करवाते हैं।

नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) की पिछले दिनों हुई बैठक में टीईटी के नियमों में बदलाव को मंजूरी दी गई। सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य है। अब तक एक बार परीक्षा पास करने से सर्टिफिकेट के आधार पर सात साल के अंदर सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर सकते थे।

यह व्यवस्था देशभर में लागू होगी। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन के चेयरमैन विनीत जोशी ने कहा कि टीईटी को अब जीवन भर के लिए मना कर दिया गया है। अभी तक यह 7 साल के लिए मान्य होती थी। हाल में काउंसलिंग की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। नई व्यवस्था आगे आयोजित होने वाली टीईटी परीक्षाओं के लिए लागू होगी। जो छात्र पहले ही टीईटी पास कर चुके हैं उनके मामले में एनसीटीई ने कहा कि वह कानूनी सलाह लेकर इस पर फैसला लेगी।

शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने के बाद, उच्च शिक्षा की भांति स्कूल शिक्षा में भी नेट की तर्ज पर टीईटी का प्रावधान किए जाने की मांग थी। अभी इसकी मान्यता 7 साल के लिए मान्य थी, यानी टीईटी पास करने के बाद व्यक्ति 7 साल में शिक्षक नियुक्त नहीं होता है तो, उसे फिर से टीईटी पास करनी होती थी। इसी प्रकार नई नौकरी के लिए आवेदन में भी यह प्रक्रिया आड़े आती थी।

आपको बता दें कि मौजूदा व्यवस्था के तहत 7 वर्ष के बाद अभ्यर्थियों को दोबारा टीईटी पास करना पड़ता है। इसके चलते हर साल केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा में लाखों उम्मीदवार यह परीक्षा देते हैं। कई वर्षों से अभ्यर्थी इसे यूजीसी नेट की तर्ज पर बदलाव की मांग कर रहे थे। केंद्र सरकार टीईटी का आयोजन साल में दो बार यानी दिसंबर और जुलाई के माह में करती है।

 

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