सरकारी मेडिकल कालेजों में पढ़ाई महंगी, हर साल बढ़ेगी फीस, भरना होगा 10 लाख का बांड

सरकारी मेडिकल कालेजों में पढ़ाई महंगी, हर साल बढ़ेगी फीस, भरना होगा 10 लाख का बांड

सरकारी मेडिकल कालेजों में पढ़ाई महंगी, हर साल बढ़ेगी फीस, भरना होगा 10 लाख का बांड

चंडीगढ़, NEWS JOSH। हरियाणा के सरकारी मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस और पीजी कोर्स करने के लिए विद्यार्थियों को अब मोटी फीस चुकानी होगी। हालांकि बदले में सरकार उन्हें अपनी गारंटी पर ऋण भी दिलाएगी जिसे वह रोजगार मिलने के बाद सात साल तक चुका सकेंगे। एमबीबीएस के विद्यार्थियों को पहले साल जहां 80 हजार रुपये फीस देनी होगी, वहीं इसके बाद हर साल शुल्क में दस फीसद इजाफा होगा। यानी कि दूसरे साल 88 हजार, तीसरे साल 96 हजार 800 रुपये और चौथे साल एक लाख छह हजार 480 रुपये फीस देनी होगी। पूरे कोर्स के लिए तीन लाख 71 हजार 280 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है।

हर साल दस लाख रुपये का भरना पड़ेगा बांड, सरकार दिलाएगी लोन

चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक निगम ने बढ़े शुल्क का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। एमबीबीएस के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को मौजूदा सत्र से जबकि पीजी कोर्स के लिए अगले सत्र से बढ़ी फीस लागू होगी। अप्रवासी भारतीय (एनआरआइ) को एमबीबीएस कोर्स के लिए एक मुश्त सवा लाख अमेरिकी डालर देने होंगे। वहीं, पीजी कोर्स के लिए भारतीय विद्यार्थियों को पहले साल सवा लाख रुपये, दूसरे साल डेढ़ लाख रुपये और तीसरे साल 1.75 लाख रुपये की फीस देनी होगी।

एमबीबीएस प्रथम वर्ष के लिए 80 हजार रुपये फीस निर्धारित, हर साल दस फीसद होगा इजाफा

एमबीबीएस विद्यार्थियों को हर साल दस लाख रुपये का बांड भी भरना होगा। विद्यार्थियों के लिए विकल्प दिया गया है कि वह चाहें तो खुद के बूते यह फीस चुका सकते हैं या फिर सरकार की मदद से ऋण ले सकते हैं। अभी तक सरकारी मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस के विद्यार्थियों से करीब 53 हजार रुपये वार्षिक फीस ली जाती है। हालांकि फीस बढ़ोतरी के बावजूद पंजाब की तुलना में हरियाणा में मेडिकल की पढ़ाई सस्ती होगी। पंजाब में सरकारी मेडिकल कालेजों में डेढ़ लाख रुपये फीस ली जा रही है। हालांकि हिमाचल प्रदेश में एमबीबीएस की सालाना फीस 60 हजार रुपये है और चंडीगढ़ में सिर्फ 25 हजार रुपये।

पीजी कोर्स के लिए पहले साल 1.25 लाख, दूसरे साल 1.50 लाख और तीसरे साल 1.75 लाख रुपये देने होंगे

वहीं, हरियाणा के निजी मेडिकल कालेजों में 15 से 18 लाख तक रुपये तक एमबीबीएस के लिए चुकाने पड़ते हैं। अग्रोहा मेडिकल कालेज में दो लाख रुपये फीस है क्योंकि यहां पर सरकारी मेडिकल कालेजों की अपेक्षा सुविधाएं भी कुछ अधिक हैं।

फीस चुकाने के लिए सरकार दिलाएगी लोन

एमबीबीएस कोर्स    –  शुल्क (रुपये में)     – ऋण (रुपये में)

1. प्रथम वर्ष  –              80,000   –           9,20,000

2. द्वितीय वर्ष  –            88,000   –            9,12,000

3. तृतीय वर्ष  –             96,800   –            9,03,200

4. चतुर्थ वर्ष  –             1,06,480   –          8,93,520

गरीब विद्यार्थी कैसे बनेंगे डाक्टर

सरकरी मेडिकल कालेजों की फीस में भारी-भरकम बढ़ोतरी गलत है। इससे गरीब और मेधावी विद्यार्थी कैसे डाक्टरी की पढ़ाई कर पाएंगे। छात्र हित में तुरंत इस फैसले को वापस लिया जाना चाहिए।

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