डेढ़ साल से लापता बेटा मिला तो दिवाली से पहले जले खुशियों के दिए

डेढ़ साल से लापता बेटा मिला तो दिवाली से पहले जले खुशियों के दिए

डेढ़ साल से लापता बेटा मिला तो दिवाली से पहले जले खुशियों के दिए

मामला स्टेट क्राइम ब्रांच के संज्ञान में आते ही बच्चे की तस्वीर को देश के विभिन्न पोर्टल, व्हाट्सऐप ग्रुप सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म के साथ ही सभी शेल्टर होम्स में भेज दी गई थी। जिसके एक हफ्ते में ही उसी तस्वीर से मिलता जुलता बच्चा लखनऊ के एक शेल्टर होम में होने की सूचना मिली

फरीदाबाद| एक मां के लिए उसकी औलाद से बढ़कर कुछ नहीं होता। फिर अगर वह बच्चा किसी कारणवश मां से बिछड़ जाए तो उसकी तो मानों दुनिया ही हो खत्म जाती है। ऐसा ही हुआ गांव भगोला निवासी सुनीता देवी के साथ। उनका 12 साल का लड़का जो कि मानसिक रूप से थोड़ा कमजोर था, वह साल 2019 के अप्रैल महीने में अचानक लापता हो गया।

उन्होंने उसे तलाशने की हरसंभव कोशिश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बावजूद इसके बच्चे का कोई पता नहीं लगा। इसके बाद मामला स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंपा गया। टीम ने लापता बच्चे को उसके घर से करीब 500 किलोमीटर दूर से ढूंढ निकाला और दिवाली से पहले ही उसे परिवार को सौंपकर उन्हें तोहफा दे दिया।

स्टेट क्राइम ब्रांच के एएसआई अमर सिंह ने बताया कि अप्रैल माह में गांव भगोला निवासी 12 वर्षीय एक बच्चा घर से अचानक लापता हो गया था। जिस वक्त बच्चा गुम हुआ था उस वक्त घर पर कोई भी मौजूद नहीं था। बच्चे की मां और पिता दोनों निजी कंपनी में काम करते थे। इस घटना के बाद बच्चे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी।

मामला स्टेट क्राइम ब्रांच के संज्ञान में आते ही बच्चे की तस्वीर को देश के विभिन्न पोर्टल, व्हाट्सऐप ग्रुप सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म के साथ ही सभी शेल्टर होम्स में भेज दी गई थी। जिसके एक हफ्ते में ही उसी तस्वीर से मिलता जुलता बच्चा लखनऊ के एक शेल्टर होम में होने की सूचना मिली। जिसके बाद जब उस शेल्टर होम से संपर्क कर बच्चे के हुलिए को परिवार ने वेरिफाई किया तो पता लगा कि वो लखनऊ में मौजूद है।

‘अब बेटे को दूर नहीं जाने दूंगी’
स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम में शामिल एएसआई और सिपाही दीपक बच्चे की मां और एक अन्य रिश्तेदार को लेकर लखनऊ गए। वहां 19 महीने से बिछड़े मां-बेटे को दोबारा से मिलवा दिया। इस पूरे सर्च ऑपरेशन में स्टेट क्राइम ब्रांच की एएसआई शीतल और सिपाही मोहनलाल का भी अहम योगदान रहा है। बच्चे की मां सुनीता देवी ने कहा कि स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम ने मेरी यह दिवाली शुभ बना दी है। इस जीवन में मेरे लिए इससे बड़ा तोहफा और कुछ नहीं हो सकता। अब मैं अपने बच्चे को एक पल के लिए भी अपने से दूर नहीं करूंगी।

 

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