जिंदा मिले व्यापारी ने सुलझाई अपनी मौत की गुत्थी, बताया कौन था कार में जलने वाला शख्स

जिंदा मिले व्यापारी ने सुलझाई अपनी मौत की गुत्थी, बताया कौन था कार में जलने वाला शख्स

जिंदा मिले व्यापारी ने सुलझाई अपनी मौत की गुत्थी, बताया कौन था कार में जलने वाला शख्स

News Josh Live, 10 Oct, 2020

हिसार के हांसी इलाके में लूट के बाद व्यापारी के जिंदा जलाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आपको बता दें कि इस मामले में पुलिस ने छानबीन करके बीते दिन उसी व्यापारी को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से गिरफ्तार किया था। वहीं पुलिस की पूछताछ में आरोपी व्यापारी ने बताया कि उसने खुद ही ये साजिश रची थी। अब इस मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। आरोपी व्यापारी ने अपने ही दोस्त की हत्या कर शव को गाड़ी में जलाया था। वो भी डाटा गांव का ही रहने वाला था।

पुलिस को इस मामले में एक महिला मित्र की संदिग्ध भूमिका पर राज खुलने की उम्मीद है। वहीं पुलिस के सामने कार में जली लाश की गुत्थी सुलझाने की भी बड़ी जिम्मेदारी थी। इस मामले में पुलिस ने पूछताछ में आरोपी व्यापारी ने खुलासा किया है कि उसने अपने दोस्त की हत्या कर गाड़ी में जलाया था, उसके बाद वह फरार हो गया था।

पुलिस ने बताया कि आरोपी राममेहर ने गांव के ही साथी की हत्या कर शव को गाड़ी में जलाया था। पुलिस ने इस केस में हत्या की धारा जोड़ दी है। इस घटना के बाद आरोपी छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में लेबर के घऱ में जाकर छिप गया था। यहां से पुलिस को इनपुट मिला था जिसके बाद उसे वहां से गिरफ्तार कर लिया था।

पूछताछ में बतलाया कि “ मैने अपने घर वाले को झुठी घटना बारे सूचना दी कि 2 मोटर साईकिल व 1 गाड़ी महजद-भाटला रोड़ पर उसके पीछे लगी है, मेरे को मारेगे व पैसे छिनेगे। उसके बाद गाड़ी में अपनी पहचान का लोकेट डालकर कार को आग लगा दी व कार के लगभग जलने के बाद मैं मौका से खेतो के रास्ते हांसी के लिये पैदल चला तथा रास्ते में अपने नये मोबाईल नम्बर का प्रयोग करके अपने साथियो से सामान पैक करके तैयार रहने बारे व हांसी पहुँच कर अपने साथियो के साथ गाड़ी में सवार होकर छतीसगढ के बिलासपुर पहुँच, जहाँ पर हांसी पुलिस ने मुझे काबु कर लिया”

· उपरोक्त पूछताछ के आधार पर आरोपी राममेहर को धारा 193/ 194/ 195/ 202/ 203/ 419/ 420/ 436 भा.द.स. में गिरफ्तार करके माननीय न्यायालय में पेश किया गया तथा आरोपी राममेहर का 7 दिन का पुलिस रिमाण्ड प्राप्त किया गया।

रिमाण्ड के दौरान आरोपी राममेहर से बिलासपुर जाने के लिये प्रयोग की गई गाड़ी, बरामद हुए मोबाईल नम्बर, ए.टी.एम. कार्ड, घटना में अन्य किन-किन व्यक्तियो की सलिप्तता रही है, राममेहर के वितिय स्थिती, बीमा पालिसी इत्यादि तथ्यो बारे गहनता से पूछताछ की जाएगी।

आरोपी राममेहर ने रिमाण्ड के दौरान पूछताछ में बतलाया कि कार में मिला नर कंकाल एक व्यक्ति का थी जो गांव डाटा का ही रहने वाला था, जिसको मैने कार में घटना के समय शराब पिलाकर नशे की हालत में करके जिन्दा जला कर मारा था। जिस पर अभियोग में हत्या की धारा जोड़ी गई है।

पुलिस एसपी लोकेंद्र सिंह ने खुलासा करते हुए बताया कि जिस रात को वारदात घटी थी, उसके बाद से लगातार तीन टीमें इसी केस की छानबीन में जुटी हुई थी। पुलिस की टीमें अलग-अलग एंगल से मामले में जांच कर रही थी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मंगलवार की रात को करीब 11 बजे यह घटना घटी थी, जिसके करीब एक घंटे बाद पुलिस को सूचना मिली थी।

पुलिस और एफएसएल और डॉक्टरों की टीम ने घटनास्थल पर जाकर पूरा मुआयना किया था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि डाटा गांव के रहने वाले व्यापारी की 11 लाख रुपये की लूट के बाद जिंदा जला दिया है। जिसके बाद रात के समय से ही पुलिस की टीमें तैनात की गई थी।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस केस में संदेह हो रहा था कि इस केस में कुछ छुपाया जा रहा है। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो देखा कि गाड़ी को साइड में किया हुआ था और जली हुई थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि लूट की वारदात होती तो गाड़ी को साइड में लगाकर और गाड़ी के हैडब्रेंक लगाने का समय नहीं मिलता।

पुलिस अधिकारी ने पॉन्इट टू पॉन्इट बताया कि इस केस में जो संदेह के घेरे में चीजें थी उसमें

■ गाड़ी का बिल्कुल आराम से साइड में लगाना

■ गाड़ी के अंदर का हैडब्रेक लगा होना

■ कार के लॉक होने के बाद चाबी ना मिलना

■ कार चालक के पास समय होते हुए बाहर ना निकल पाना

■ कार की ड्राइवर सीट की बजाय साइड सीट पर कंकाल मिलना

■ कार जलने के बाद भी व्यापारी के मोबाइल का चलना

■ कार में कंकाल के साथ मोबाइल ना मिलना

■ परिजनों को कॉल के बाद भी सामान्य रहना

■ पुलिस को करीब एक घंटे बाद सूचित करना

■ पुलिस से कई जानकारी छुपाना

पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस की टीम को इस बारे में कुछ संदेह हुआ था जिसके बाद व्यापारी के पूरे कागजात खंगाले गए थे जिसमें बैंक से करीब सवा करोड़ और एलआईसी से करीब 50 लाख रुपये की पॉलिसी भी सामने आई है। इसमें पुलिस को संदेह है कि पॉलिसी क्लेम के लिए भी ऐसा हो सकता है।

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