हरियाणा में अब कम होंगे जमीनी विवाद, हर गांव की जमीन का कलेक्टर रेट होगा तय

हरियाणा में अब कम होंगे जमीनी विवाद, हर गांव की जमीन का कलेक्टर रेट होगा तय

हरियाणा में अब कम होंगे जमीनी विवाद, हर गांव की जमीन का कलेक्टर रेट होगा तय

News Josh Live, 21 Oct, 2020

हरियाणा सरकार ने अब हर गांव की जमीन के कलेक्टर रेट तय करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए अधिकारियों की आज बैठक हुई जिसमें सभी गांवों की जमीनों के लिए अलग-अलग क्लेक्टर रेट तय करने के बारे में चर्चा की गई। इस नई योजना के तहत अगर एक तहसील में पचास गांव है तो हर गांव के लिए अलग-अलग रेट तय होंगे।

इस योजना के तहत सरकार का मानना है कि आपस में जमीनी विवाद कम होंगे और सरकार को राजस्व का फायदा होगा। जमीनों को कलेक्टर रेट तय होने के बाद यह भी होगा कि कम रेट पर रजिस्ट्री नहीं होगी। अभी तक पूरे तहसील के रेट के हिसाब से ही कलेक्टर रेट तय करके रजिस्ट्री की जा रही है।

मौजूदा फॉर्मूला के मुताबिक अगर पांच लाख की जमीन है तो उसको दो लाख रुपये की जमीन दिखाकर रजिस्ट्री की जा रही है। ऐसे में सरकार को काफी राजस्व का नुकसान हो रहा है। गांवों की जमीनों के क्लेक्टर रेट तय होने के बाद इस प्रकार का सिस्टम नहीं रहेगा और हर गांव के लिए अलग-अलग कलेक्टर रेट पर ही रजिस्ट्री होगी।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वित्त एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को जनवरी तक पूरे प्रदेश में सभी जिलों में जमीनों के कलेक्टर रेट तय करने के निर्देश दिए हैं। यह कलेक्टर रेट हर साल तय होंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि डीसी रेट तय करने के लिए पूरे प्रदेश में एक समान पद्धति बनाई जाए। यह रेट तहसील स्तर पर भी बनने चाहिए।

प्रदेश में कई जिले और तहसीलें ऐसी हैं, जहां जमीनों के रेट काफी हैं लेकिन कई जिले व तहसीलें ऐसी हैं, जिनमें रेट कम हैं। सरकार की जानकारी में यह भी आया है कि कहीं-कहीं तो डीसी रेट ज्यादा है और जमीनों का मार्केट रेट कम है, जबकि कई जिलों में मार्केट रेट ज्यादा है, मगर डीसी रेट कम है। सिस्टम की इस खामियों को दूर किए जाने की जरूरत है।

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