हरियाणा में इस तारीख से पहले होंगे पंचायती चुनाव, देखिए

हरियाणा में इस तारीख से पहले होंगे पंचायती चुनाव, देखिए

हरियाणा में इस तारीख से पहले होंगे पंचायती चुनाव, देखिए

News Josh Live, 20 Oct, 2020

हरियाणा में बरोदा उपचुनाव के साथ-साथ अब पंचायती चुनावों की भी तैयारी शुरु होने लगी है। नये साल की शुरुआत में पंचायती चुनाव होंगे। चुनाव आयोग की तरफ से 24 फरवरी से पहले पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है। इसमें जिला परिषद, पंचायत समिति, पंच-सरपंचों के चुनाव शामिल हैं।

प्रदेश के 22 जिलों की 22 जिला परिषद, 142 ब्लॉक समिति और 6205 पंचायतों के पंच-सरपंचों के लिए चुनाव होने हैं। इसके लिए चुनाव आयोग की तरफ से तैयारियां शुरु कर दी गई है। प्रदेश में जिला परिषद के 416 सदस्यों, ब्लॉक समिति के करीब 3200 सदस्य और 6205 सरपंचों के लिए ईवीएम के जरिये मतदान होंगे। वहीं करीब 62 हजार 466 पंचों के लिए मतदान बैलेट पेपर के जरिये होगा।

राज्य चुनाव आयोग ने 20 जिलों के उपायुक्तों को 30 अक्टूबर तक मौजूदा वार्डबंदी के आधार पर सभी पंचायती राज संस्थाओं की मतदाता सूची तैयार करने का निर्देश दिया है। पानीपत और रोहतक में मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन 27 नवंबर को होगा।

वहीं प्रदेश में महिलाओं को पंचायती चुनाव में 50 फीसदी आरक्षण के चलते अब ड्रा की प्रक्रिया भी दोबारा करने की तैयारी है। पहले की सभी प्रक्रियाओं पर रोक लगा दी गई थी। राज्य सरकार इस एक्ट में बदलाव के लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरु करने वाली है।

हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने जिला पानीपत और रोहतक में सभी ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों की मतदाता सूचियाँ तैयार करने के लिए कार्यक्रम जारी किया है। बूथों और वार्डों के अनुसार ड्राफ्ट मतदाता सूचियों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा पहली जनवरी, 2020 को अर्हता तिथि मानते हुए 25 सितंबर, 2020 को प्रकाशित अंतिम विधानसभा मतदाता सूचियों के आधार पर तैयार किया जाएगा।

राज्य निर्वाचन आयुक्त दलीप सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जारी कार्यक्रम के अनुसार ड्राफ्ट मतदाता सूचियाँ 12 से 26 अक्टूबर, 2020 तक तैयार की जाएंगी। दावे एवं आपत्तियां आमंत्रित करने के लिए 27 अक्तूबर, 2020 को इन ड्राफ्ट मतदाता सूचियों का प्रकाशन किया जाएगा और दावे एवं आपत्तियां 3 नवंबर, 2020 तक जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जाएंगी।

इन दावों एवं आपत्तियों का निपटान करने की अंतिम तिथि 11 नवंबर, 2020 है और जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेशों के विरुद्ध उपायुक्त-सह-जिला चुनाव अधिकारी को अपील करने की अंतिम तिथि 16 नवंबर, 2020 है। उपायुक्त-सह-जिला चुनाव अधिकारी द्वारा अपीलों का निपटान 19 नवंबर, 2020 तक किया जाएगा और इन संस्थानों की मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन 27 नवंबर, 2020 को किया जाएगा।

डॉ. दलीप सिंह ने बताया कि इन संस्थाओं की मतदाता सूचियाँ सरकार द्वारा किए गए संशोधन के अनुसार तैयार की जाएंगी, जिसके अनुसार विधानसभा क्षेत्र के संबंधित क्षेत्र में मौजूदा मतदाताओं को ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के वार्डों में विभाजित किया जाएगा। यह भी स्पष्ट किया जाता है कि यदि कोई व्यक्ति अपना नाम ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों की मतदाता सूचियों में शामिल करवाना चाहता है, तो उसे पहले अपना नाम संबंधित विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल करवाना होगा, अन्यथा उसका नाम ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों की मतदाता सूचियों में शामिल नहीं किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए उपायुक्तों को मतदाता सूची के बारे में जानकारी प्राप्त करने और दावों और आपत्तियों आदि को दर्ज करने के लिए इन संस्थानों की क्षेत्रीय सीमाओं के भीतर पर्याप्त संख्या में मतदाता जानकारी और संग्रह केंद्र स्थापित करने के लिए कहा गया है।

डॉ. दलीप सिंह ने यह भी बताया कि शेष 20 जिलों के लिए उपायुक्तों को 30 अक्टूबर, 2020 तक मौजूदा वार्डबंदी के आधार पर सभी पंचायती राज संस्थाओं की मतदाता सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है। यदि वार्डबंदी में कोई परिवर्तन निर्धारित प्राधिकारी द्वारा किया जाता है तो उसे दावों और आपत्तियों को आमंत्रित करने के लिए प्रकाशन से पहले ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।

 

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