रणदीप सुरजेवाला के खिलाफ शिकायत देने वाले को पुलिस ने दी धमकी

रणदीप सुरजेवाला के खिलाफ शिकायत देने वाले को पुलिस ने दी धमकी

रणदीप सुरजेवाला के खिलाफ शिकायत देने वाले को पुलिस ने दी धमकी

अंबाला : ऊर्जा मंत्री रहते कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला पर करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोप लगाने वाले अजय संधू ने एक बार फिर विज के दरबार में गुहार लगाई है। साथ ही पुलिसकर्मियों पर शिकायत वापस लेने के लिए धमकी देने का आरोप लगाया है। उसने पुलिस की ओर से दी गयी धमकी की आडियो होने का भी दावा किया है। मामले में अनिल विज ने पंचकूला पुलिस कमिश्नर को एसआईटी गठित कर पूरे मामले की जांच करवाने और धमकी देने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

हिसार के कौत कलां निवासी अजय संधू ने गृहमंत्री को दी शिकायत में बताया कि मैंने करीब एक साल पहले रणदीप सिंह सुरजेवाला के खिलाफ शिकायत दी थी, लेकिन पंचकूला पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। विज के दरबार में हाजिरी के बाद मामला पंचकूला पुलिस ने आर्थिक अपराध शाखा को सौंपा। आर्थिक अपराध शाखा के राजीव मिगलानी इंस्पेक्टर ने 26 अक्तूबर को बुलाया था। इसी दिन मैंने बयान भी दर्ज करवा दिए थे। इसके बाद 30 अक्तूबर को बुलाया गया। इस दिन मुझे एक कागज दिया। इसमें लिखा था कि मैं रणदीप सिंह सुरजेवाला और उसके साथियों के खिलाफ सीएम विंडो पर शिकायत दी थी उसे वापस लेता हूं और आर्थिक अपराध शाखा की कार्रवाई व जांच से संतुष्ट हूं। जब मैंने इस पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया तो जांच अधिकारी राजकुमार ने कहा कि साइन तो तुम्हें करने ही होंगे। यदि नहीं करोगे तो हर 15वें दिन तुम्हें चक्कर कटवाएंगे।

यह है पूरा मामला
अजय का आरोप है कि वर्ष 2009-10 में रणदीप सिंह सुरजेवाला बिजली मंत्री थे, उसका कार्यालय उस समय पंचकूला में था। वह संधू सिक्योरिटी एजेंसी के नाम से अनुबंध पर कर्मी उपलब्ध करवाते थे। अजय ने बताया कि इसी बीच उनकी मुलाकात ईश्वर नैन से हुई। नैन ने कहा कि सुरजेवाला उसके घनिष्ठ मित्र हैं और वह उसे बिजली निगम में टेंडर दिला सकते हैं। इस तरह नैन ने सुरजेवाला से उसकी मुलाकात करवाई। बदले में नैन को उसे अपने टेंडर में पार्टनर बनाना पड़ा। नैन को पार्टनर बनाते ही रणदीप सिंह ने उसे बिजली निगम के टेंडर दिला दिए, जबकि उसके पास न तो कोई अनुभव था न ही वह शर्तें पूरी करता था।

शिकायतकर्ता अजय ने विज को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि प्रदेश भर में करीब 4 हजार लाइनमैन और सहायक लाइनमैन की भर्ती ठेके के तहत उस समय की गई। भर्ती के लिए किसी से 5 तो किसी से 50 हजार रुपये तक रिश्वत ली गई, लेकिन जब उन्हें न तो ईपीएफ दिया न ईएसआई तो विरोध शुरू हो गया। इस पर बिजली निगम ने सर्विस टैक्स चोरी और ईपीएफ और ईएसआई चोरी की शिकायत कर दी। भिवानी सहित 11 जिलों में एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें केवल अजय को आरोपी बना दिया गया, जबकि सुरजेवाला व अन्य के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। मैंने पंचकूला के पुलिस कमिश्नर को आदेश दिए हैं कि ऐसे धमकाने वाले पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई करते हुए पूरे मामले की एसआईटी से जांच करवाई जाए।

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