हरियाणा में लिंग जांच गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत 2 गिरफ्तार

हरियाणा में लिंग जांच गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत 2 गिरफ्तार

हरियाणा में लिंग जांच गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत 2 गिरफ्तार

 News Josh Live, 25 Oct, 2020

सिविल अस्पताल झज्जर की टीम ने बीते शनिवार को गर्भ में भ्रूण की लिंग जांच करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। बता दें कि टीम ने बहादुरगढ़ की धर्मपुरा कॉलोनी में भ्रूण लिंग जांच करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरोह में एक महिला और फर्जी डॉक्टर शामिल है। वहीं इस मामले में संजय अस्पताल का कर्मचारी और एक अन्य बाहरी डॉ. राज अभी फरार है। पुलिस द्वारा इन दोनों के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट में केस दर्ज कर लिया गया है। इनके पास से 38 हजार रुपए मिले हैं। अब पुलिस को संजय अस्पताल के कर्मचारी व एक डॉक्टर की तलाश है।

संजय अस्पताल के डॉ. संजय द्वारा बताया गया कि सोनू अस्पताल के पीआरओ के रूप में कार्यरत था, लेकिन दो दिन से आ नहीं रहा है। यदि वह इस मामले में मिला है तो अस्पताल का इसमें कोई दोष नहीं है। यहां ऐसा कोई काम नहीं किया जाता है। डॉ. संजय आगे बताते है कि डॉ. राज नाम का कोई डॉक्टर उनके अस्पताल में काम ही नहीं करता है।

इधर, झज्जर के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अचल त्रिपाठी ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि धर्मपुरा कॉलोनी में एक महिला भ्रूण लिंग जांच का काम करती है। इसके बाद एक फर्जी ग्राहक को तैयार कर टीम को बहादुरगढ़ नजफगढ़ रोड स्थित धर्मपुरा कॉलोनी की गली नंबर एक में उस मकान पर भेजा, जहां भ्रूण लिंग जांच रैकेट चल रहा था। यहां से फर्जी डॉक्टर सचिन व सरिता नाम की महिला को गिरफ्त में लिया गया।

डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. त्रिपाठी ने इस बारें में बताया कि संजय अस्पताल के कर्मचारी सोनू व फर्जी डॉक्टर राज की तलाश है। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे मामले का खुलकर सामने आ सकेगा। इन्होंने मिलकर अब तक कितनी महिलाओं को भ्रूण लिंग जांच के नाम पर लूटा है। जांच कहां व किस अस्पताल में करवाई गईं। दोनों आरोपियों से पूछताछ कर इसका भी पता किया जा रहा है।

डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. त्रिपाठी ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि 40 हजार रुपए देकर लक्ष्मी नाम की महिला को फर्जी ग्राहक बनाया गया, जो कि साढ़े तीन माह की गर्भवती है। गुप्त सूचना के आधार पर 21 अक्टूबर को टीम धर्मपुरा कॉलोनी पहुंची। यहां सरिता देवी को 40 हजार रुपए दिए। इसके बाद वह सचिन नाम के व्यक्ति से संपर्क करके ग्राहक महिला को लेकर सिविल अस्पताल के सामने लेकर गई। जहां उसकी मुलाकात सचिन, सोनू व डॉ. राज से हुई। इसके बाद लक्ष्मी देवी को 23 तारीख को फिर से आने के लिए कहा गया।

तय योजना के मुताबिक से 2 हजार रुपए रख लिए, जबकि बाकी वापस कर दिए गए। 23 तारीख को फिर से महिला फर्जी ग्राहक को वहां भेजा गया। धर्मपुरा गली नंबर एक में उस महिला को सरिता के घर पर भेजा, लेकिन वो नहीं मिली। सरिता को फोन किया तो उसने कहा कि वह किसी काम से बाहर गई है। इस कारण अब 24 अक्टूबर को आना।

24 अक्टूबर शनिवार को फिर से लक्ष्मी देवी को वहां भेजा व सरिता ने वहां पर उससे 38 हजार रुपए ले लिए। इसके बाद सरिता ने सचिन से भ्रूण लिंग जांच की बात की। दोनों को फिर से सिविल अस्पताल के बाहर बुलाया गया, जहां उन्होंने किसी से बात की व दस हजार रुपए और लाने को कहा। वहीं 25 तारीख को फिर से बुलाया। जिसके बाद टीम ने दोनों को गिरफ्त में ले लिया।

डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. त्रिपाठी की मानें तो पूछताछ में सचिन ने बताया सोनू संजय अस्पताल में काम करता है। डॉ. राज भी इस योजना में संलिप्त हैं। वह भी झोलाछाप डॉक्टर है। साथ ही वह मरीजों का इलाज भी करता है। सोनू से उसकी इस बारे में लगातार बात होती रहती है। साथ ही टीम ने सचिन के पास से दो हजार रुपए भी बरामद कर लिए हैं। वहां सरिता देवी से 38 हजार रुपए मांगे गए थे, उसके पास से 37 हजार पांच सौ रुपए ही मिले हैं।

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