विधिवत्त कार्यक्रम के साथ आज वायुसेना में शामिल होगा राफेल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी हैं मौजूद

विधिवत्त कार्यक्रम के साथ आज वायुसेना में शामिल होगा राफेल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी हैं मौजूद

विधिवत्त कार्यक्रम के साथ आज वायुसेना में शामिल होगा राफेल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी हैं मौजूद

News Josh Live, 10 Sept 2020

वायुसेना आज विधिवत रूप से राफेल विमानों को अपने बेड़े में शामिल करेगी। अम्बाला स्थित एयर बेस पर राफेल का औपचारिक अनावरण सर्व-धर्म पूजा के साथ किया जाएगा और इस समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली मुख्य अतिथि होंगे। इस मौके पर राफेल विमान हवाई करतब दिखाएंगे, साथ ही तेजस विमान के साथ सारंग एयरोबेटिक टीम भी शामिल होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार इसके बाद राफेल विमान को पारंपरिक तरीके से वाटर कैनन सलामी दी जाएगी। समारोह का समापन वायुसेना के 17वीं स्क्वाड्रन गोल्डन एरो में राफेल विमान को विधिवत शामिल किए जाने के साथ होगा।

राफेल विमानों की नयी फ्लीट उस 17 स्क्वाड्रन का हिस्सा होगी, जिसे पिछले साल 10 सितंबर को दोबारा सक्रिय किया गया था। यह स्क्वाड्रन वास्तव में एक अक्तूबर, 1951 को पहली बार अम्बाला एयरबेस पर ही गठित की गई थी। गठन के बाद 1955 में अपने पहले जेट फाइटर विमान द लीजेंडरी डि हाविलैंड वैंपायर को हासिल करने वाली 17 स्क्वाड्रन ने पिछले कई दशक के दौरान बहुत से मेडल देश की सुरक्षा में काम करते हुए हासिल किए हैं।

बता दें कि 29 जुलाई को पहले 5 राफेल विमान ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह की अगुवाई में अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन में लैंड किए थे। इन विमानों का एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने स्वागत किया गया था। 17वीं गोल्डन एरो स्क्वाड्रन के कुछ पायलट और क्रू सदस्य राफेल विमानों की ट्रेनिंग हासिल कर चुके हैं, जबकि शेष अभी भी फ्रांस में ट्रेनिंग ले रहे हैं। समारोह में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह व फ्रांस की रक्षामंत्री फ्लोरेंस पार्ले के अलावा अन्य वीआईपी शामिल होंगे। अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन के अलावा छावनी क्षेत्र के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। सैन्य टीमें गश्त पर उतर आई हैं। सेना की हथियारबंद टुकड़ियां बाजारों एवं मुख्य मार्गों पर गश्त कर रही हैं। सेना क्षेत्रों को जाने वाले मार्गों पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है।

इस मौके पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया, रक्षा सचिव डा. अजय कुमार, रक्षा विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डा. जी सतीश रेड्डी के साथ रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बलों के कई वरिष्ठ अधिकारी भारतीय वायुसेना के इतिहास में दर्ज होने वाली इस बड़ी घटना के अवसर पर उपस्थित रहेंगे।

 

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