हरियाणा में बदल रहा है कई ट्रेनों का शेड्यूल, पढ़िए ये खबर

हरियाणा में बदल रहा है कई ट्रेनों का शेड्यूल, पढ़िए ये खबर

हरियाणा में बदल रहा है कई ट्रेनों का शेड्यूल, पढ़िए ये खबर

News Josh Live, 31 Oct, 2020

भारतीय रेलवे की ओर से जारी होने वाले इस टाइम टेबल में हजारों स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव बंद होने जा रहा है। रात 11 बजे से लेकर चार बजे तक जिन स्‍टेशनों पर यात्रियों की संख्या कम है, उन स्टेशनों की सूची तैयार कर ली गई है। इन स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव बंद कर दिया जाएगा। साथ ही जिन ट्रेनों में यात्रियों की संख्या भी कम है, उन ट्रेनों का रूट बदला जाना है।

इनमें ह‍रियाणा व पंजाब अन्य ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने और घाटे में चल रही रेलवे को उबारने के लिए इस प्रकार के अहम फैसला लिए जा रहे है। वहीं राहत की बात यह है कि जो पैसेंजर ट्रेनें हैं उनको मेल एक्सप्रेस का दर्जा दिया जाएगा। आपको जानकारी दें दें कि ट्रेन के एक स्टेशन पर रुकने और फिर चलने में 7600 से 9000 रुपये का खर्च आता है।

इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी मुंबई (आइआइटी) और इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन (इसरो) बेंगलुरु को टाइम टेबल बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। रेल मंत्रालय ने देश के सभी मंडलों से रिपोर्ट भी मांगी है। इसमें किस स्टेशन पर क्या ठहराव, कितने यात्री उतरे, क्या आमदनी या खर्च हुआ, कितनी टिकट बुक हुई आदि का पूरा ब्योरा देना है। हालिया समय में कोरोना काल के कारण चुनिंदा ट्रेनों को छोड़कर सिर्फ स्पेशल ट्रेनें ही नंबर बदलकर पटरी पर दौड़ रही हैं।

ख़बर के मुताबिक तो मार्च 2021 तक स्पेशल ट्रेनों का दर्जा वाली ट्रेनें ही पटरी पर दौड़ती नजर आएंगी। इसलिए रेल अधिकारी चाहते हैं कि सन 2021-22 का टाइम टेबल अप्रैल तक तैयार हो जाए। जिससे सेंटर फार रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम (क्रिस) को उन ट्रेनों की सूची दे दी जाएगी।  जिनका ठहराव बंद किया जाएगा। इसके बाद क्रिस साफ्टवेयर को अपडेट करेगा,जिससे कि स्टेशनों से संबंधित ट्रेनों की टिकट जारी की जा सके। इसको लेकर रेलवे अधिकारियों में माथापच्ची शुरू हो गई है।

इन ट्रेनों को मिलेगा मेल एक्सप्रेस का दर्जा- पैसेंजर ट्रेनों को रेलवे मेल एक्सप्रेस का दर्जा देने के प्रस्ताव पर मुहर लग चुकी है। कालका से नई दिल्ली के बीच जाने वाले ट्रेन नंबर 54304 और बठिंडा से अंबाला आने वाली 54306 को मेल एक्सप्रेस का दर्जा दिया जा रहा है। साथ ही कुछ ट्रेनें ऐसी भी चिन्हित की गई हैं, जिसमें यात्रियों की संख्या ही कम है। ऐसे में उन रूटों पर ट्रेनों को बंद या दो से तीन सप्ताह तक चलाया जा सकता है।

 

News Josh Live

यह भी पढ़ें

कुछ खास x