पुटा के प्रदर्शन के बाद खुली कुलपति की नींद, जारी की 71 शिक्षकों की पदोन्नति की सूची

पुटा के प्रदर्शन के बाद खुली कुलपति की नींद, जारी की 71 शिक्षकों की पदोन्नति की सूची

पुटा के प्रदर्शन के बाद खुली कुलपति की नींद, जारी की 71 शिक्षकों की पदोन्नति की सूची

चंडीगढ़,  NEWS JOSH। पंजाब यूनिवर्सिटी में शिक्षकों की पदोन्नति के मामले में एक बार फिर पीयू कुलपति प्रो. राजकुमार की किरकिरी हुई। इस मामले को लेकर पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) ने कुलपति के घर के बाहर प्रदर्शन किया था। इसके बाद कुलपति की खुली और उन्होंने 71 शिक्षकों की पदोन्नति की सूची जारी की।

पुटा कई महीनों से शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर सूची जारी करने की मांग कर रहा था। लेकिन लाकडाउन की वजह से पुटा ने इस मामले को ज्यादा तूल नहीं दिया। जून में जैसे ही अनलाक शुरू हुआ, उसके बाद पुटा ने कुलपति से सूची जारी करने की मांग करनी शुरू कर दी थी। लेकिन कुलपति के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।

पांच बार लिखा था पुटा ने कुलपति को पत्र

शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर पुटा ने कुलपति को पांच बार पत्र लिखा था। हैरान करने वाली बात ये है कि ये सभी पत्र नई पुटा कार्यकारिणी बनने के बाद लिखे गए थे। लेकिन कुलपति द्वारा इन पत्र को गंभीरता से नहीं लिया गया। जिसके बाद पुटा ने प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी।

शिक्षकों की पदोन्नति के किए वादों में एक की पूर्ति

पुटा अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार ने कहा कि हमने पुटा चुनाव से पहले वादा किया था कि जिन शिक्षकों की पदोन्नति लंबित पड़ी है, हम उसको गंभीरता से उठाएंगे। हमने इस मामले में प्रदर्शन किया, जिसके बाद कुलपति को पुटा के सामने झुकना ही पड़ा।

तीन साल से है इसी ग्रुप का पुटा पर राज

गौरतलब है कि पुटा पर पिछले तीन वर्षों से गिल ग्रुप की ही हुकूमत है। उसके बावजूद शिक्षकों के पदोन्नति मामले में देरी से सूची जारी हुई है। खैर देर आए दुरुस्त आए वाली कहावत यहां बिल्कुल फिट बैठती है। पिछले वर्षों से शिक्षकों की पदोन्नति के मामले को चुनाव के समय में उठा कर गिल ग्रुप ने चुनाव में क्लीन स्वीप किया था। लेकिन अब शिक्षकों को लिस्ट जारी होने के बाद, जिन शिक्षकों की पदोन्नति रुकी हुई थी उनके चेहरे पर मुस्कान आई होगी।

85 शिक्षकों की होनी थी पदोन्नति
कैंपस में 85 शिक्षक ऐसे है जिनकी पदोन्नति लंबित पड़ी थी। हालांकि अभी कुलपति ने पुटा को केवल 71 शिक्षकों के नाम ही सौंपे है। जबकि 14 शिक्षकों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए। ऐसे में पुटा इन शिक्षकों की पदोन्नति का मामला एक बार फिर उठाएगा।

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