हरियाणा में अगले चार-पांच दिन मौसम रहेगा खुश्क, देखिए मौसम विभाग का बुलेटिन

हरियाणा में अगले चार-पांच दिन मौसम रहेगा खुश्क, देखिए मौसम विभाग का बुलेटिन

हरियाणा में अगले चार-पांच दिन मौसम रहेगा खुश्क, देखिए मौसम विभाग का बुलेटिन

News Josh Live, 05 Nov, 2020

हरियाणा में अगले चार पांच दिनों में मौसम सामान्य रहने के संकेत मौसम विभाग की तरफ से दिए गए हैं। मौसम विभाग, हिसार की तरफ से जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक हरियाणा राज्य में 9 नवम्बर तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील परन्तु खुश्क रहने की संभावना है। रात्रि तापमान कम होने के कारण बीच बीच में धुंध/स्मॉग जैसा मौसम बने रहने की संभावना है। इस दौरान बीच बीच में हल्की उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने से तापमान में हल्की गिरावट संभावित।

मौसम आधारित कृषि सलाह

1. तापमान अनुकूल रहने की संभावना को देखते हुए  गेहूं की बिजाई के लिए सिंचित क्षेत्रों के लिए समय पर बिजाई वाली किस्मों जहां अच्छा पानी उपलब्ध हो तो डब्लू एच 1105, डबलू एच 1184, एच डी 2967 ,एचडी 3086 व डब्लू एच 711 किस्मों के प्रयोग कर बिजाई करे। यदि कम पानी उपलब्ध हो तो बिजाई के लिए डब्लू एच 1080 , डबलू एच 1142 किस्मों का प्रयोग किया जा सकता है। बिजाई से पहले बीज जनित बिमारियों से बचाव के लिए बिजाई से पहले 2 ग्राम वीटावैक्स या बाविस्टिन  या  थाइरम प्रति किलोग्राम बीज की दर से सूखा उपचार अवश्य करें ।

2. देसी चने की बिजाई के लिए खेत को अच्छी प्रकार से तैयार कर उन्नत किस्मों एचसी 1 (बारानी व सिंचित क्षेत्रों के लिए) तथा सिंचित क्षेत्रों के लिए एचसी 3 (मोटे दाने वाली किस्म) व एचसी 5 किस्मों का प्रयोग कर बिजाई करे। बिजाई से पहले बीज का राइजोबियम के टीके से उपचार करें।

चने की बिजाई के लिए अन्य बीज उपचार: जड़ गलन बिमारी से बचाने के लिए 2.5 ग्रा. बाविस्टीन प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से उपचारित करे। उखेड़ा रोग से बचाव के लिए बिजाई से पूर्व बीज का उपचार जैविक फफूँदीनाशक ट्राईकोडरमा विरिडी (बायोडरमा) 4 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज + विटावैक्स 1 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से करें। यह प्रक्रिया राईजोबियम से उपचारित करने से पहले कर लें।

3. आलू की रोपाई पूरी करे। अन्य सब्जियां फूल गोभी, बन्द गोभी की रोपाई करे। पालक, मूली शलगम, गाजर आदि अन्य सीजनल सब्जियों की बिजाई करे।

4. मौसम खुश्क रहने की संभावना देखते हुए लगी हुई सब्जियों व फलदार पौधों तथा हरे चारे की फसलों में आवश्यकतानुसार सिंचाई करे।

5. धान की कटाई व कढाई करने के उपरांत पराली को भूमि में दबाये व उर्वरा शक्ति को बढाये व आगामी फसल का अधिक उत्पादन प्राप्त करे।

6. किसान भाई फसल बेचने के लिए मंडी में मास्क अवश्य पहन कर रखे तथा सामाजिक दूरी बना कर रखे ताकि कोरेना से बचाव हो सके।

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किसान सेवा सर्वोपरि
स्वस्थ किसान स्वस्थ भारत
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डॉ मदन खीचड़
विभागाध्यक्ष कृषि मौसम विज्ञान विभाग हकृवि हिसार

 

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