हरियाणा में मौसम विभाग का बुलेटिन जारी, 29 अक्तूबर तक मौसम रहेगा परिवर्तनशील

हरियाणा में मौसम विभाग का बुलेटिन जारी, 29 अक्तूबर तक मौसम रहेगा परिवर्तनशील

हरियाणा में मौसम विभाग का बुलेटिन जारी, 29 अक्तूबर तक मौसम रहेगा परिवर्तनशील

News Josh Live, 24 Oct, 2020

कृषि मौसम विज्ञान विभाग, चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार
@23.10.2020

मौसम पूर्वानुमान:-

हरियाणा राज्य में 29 अक्तूबर तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील परन्तु खुश्क रहने की संभावना है। क्षेत्र में कहीं-कहीं 25 अक्तूबर रात्रि व 26 अक्तूबर को आंशिक बादलवाई संभावित। इस दौरान बीच बीच में हवाएं चलने से तापमान में हल्की गिरावट संभावित।

मौसम आधारित कृषि सलाह

1. सरसों की बिजाई उन्नत किस्मों आरएच 725, आरएच 749, आरएच 30 , आर एच 406 आदि के प्रमाणित बीजों से जल्दी पूरी करे। बिजाई से पहले 2ग्राम कारबेन्डाजिम प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से अवश्य  उपचारित  करें।

2. देसी चने की बिजाई के लिए खेत को अच्छी प्रकार से तैयार करे तथा उन्नत किस्मों के साथ बिजाई शुरू करे। देसी चने की उन्नत किस्मों बारानी व सिंचित क्षेत्रों के लिए एचसी 1 तथा सिंचित क्षेत्रों के लिए एचसी 3 (मोटे दाने वाली किस्म) व एचसी 5 किस्मों का प्रयोग करे। बिजाई से पहले बीज का राइजोबियम के टीके से उपचार करें।

अन्य बीज उपचार: जड़ गलन बिमारी से बचाने के लिए 2.5 ग्रा. बाविस्टीन प्रति कि.ग्रा. बीज की दर से उपचारित करे। उखेड़ा रोग से बचाव के लिए बिजाई से पूर्व बीज का उपचार जैविक फफूँदीनाशक ट्राईकोडरमा विरिडी (बायोडरमा) 4 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज + विटावैक्स 1 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से करें।
यह प्रक्रिया राईजोबियम से उपचारित करने से पहले कर लें।

3.  गेहूं की बिजाई के लिए अगेती बिजाई वाली उन्नत किस्मों के बीजों का प्रबंध करे व खाली खेतों को अच्छी प्रकार से तैयार करे ताकि तापमान अनुकूल होने पर अगेती बिजाई शुरू की जा सके।
अगेती बिजाई के लिए यदि अच्छा पानी उपलब्ध हो तो डब्लू एच 1105, एच डी 2967 ,एचडी 3086 व डब्लू एच 711 किस्मों के प्रयोग करे।
यदि कम पानी उपलब्ध हो तो अगेती बिजाई के लिए सी 306, डब्लू एच 1080 , डबलू एच 1142 किस्मों के प्रयोग किया जा सकता है।

4. मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना देखते हुए सब्जियों व फलदार पौधों तथा हरे चारे की फसलों में आवश्यकतानुसार सिंचाई करे।

5. नरमा कपास की चुनाई सूर्य निकलने के बाद शुरू करे ताकि सुबह ओस के कारण उत्पादन की क्वालिटी पर प्रभाव न पड़े।

6. धान की कटाई व कढाई करने के उपरांत पराली को भूमि में दबाये व उर्वरा शक्ति को बढाये व आगामी फसल का अधिक उत्पादन प्राप्त करे।

7. किसान भाई फसल बेचने के लिए मंडी में मास्क अवश्य पहन कर रखे तथा सामाजिक दूरी बना कर रखे ताकि कोरेना से बचाव हो सके।

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किसान सेवा सर्वोपरि
स्वस्थ किसान स्वस्थ भारत
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डॉ मदन खीचड़
विभागाध्यक्ष कृषि मौसम विज्ञान विभाग हकृवि हिसार

 

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