सस्ती शराब सप्लाई करने वालों तक नहीं पहुंचती पुलिस, इसका फायदा उठाते हैं तस्कर

सस्ती शराब सप्लाई करने वालों तक नहीं पहुंचती पुलिस, इसका फायदा उठाते हैं तस्कर

सस्ती शराब सप्लाई करने वालों तक नहीं पहुंचती पुलिस, इसका फायदा उठाते हैं तस्कर

यमुनानगर NEWS JOSH सोनीपत व पानीपत में जहरीली शराब से मौतों के बाद पुलिस अवैध शराब बेचने वालों पर छापेमारी कर रही है। विभिन्न स्थानों से 18 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सैकड़ों शराब की बोतलें बरामद की गई। इन सभी से अधिकतर देसी शराब ही बरामद हुई। इससे साफ है कि देसी शराब में ही मिलावट की आशंका रहती है। लोग भी इसे सस्ती के लालच में खरीदते हैं, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर सख्ती नहीं बरतती। केवल अवैध शराब बेचने वालों को पकड़कर खानापूर्ति कर ली जाती है। शराब कहां से सप्लाई हो रही है। मुख्य तस्कर तक पुलिस नहीं पहुंची। दो दिनों की कार्रवाई में भी पुलिस ने केवल शराब बेचने वालों को पकड़ा। यह तक पता नहीं लगाया गया कि अवैध शराब बेचने वाले इतनी सस्ती शराब कहां से लेकर आ रहे हैं। इससे पुलिस की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसा नहीं है कि अवैध शराब के बारे में पुलिस व आबकारी विभाग को नहीं पता। दोनों विभाग को जानकारी होती है, लेकिन मिलीभगत से यह खेल चलता है। शहर निवासी मोहन कुमार व धीरज गौतम का कहना है कि यदि पुलिस व आबकारी विभाग चाहे, तो अवैध शराब नहीं बिक सकती। इसमें कही न कही मिलीभगत होती है। पुलिस यदि किसी को पकड़ती है, तो उससे यह तक पता नहीं किया जाता कि वह शराब कहां से लेकर आ रहा है। अवैध शराब बेचने वाले ठेकों से सस्ते दामों पर शराब सप्लाई करते हैं। ऐसे में इस शराब में निश्चित रूप से मिलावट होती है। गांधीनगर, हमीदा, बिलासपुर, दामला, बूड़िया गेट चौकी क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध रुप से सस्ती शराब बिक रही है। अंडे बेचने वाली रेहड़ियों से लेकर गांव में करियाना की दुकानों तक में अवैध शराब मिल रही है। सस्ती शराब के चक्कर में न पड़ें लोग

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